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Poem Archive
Every verse has a story. Browse by year and month.
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October 2026 3 poemsहि ना गजरे की बहार हि राति ने लंबियाँ, निंद्रा अखियां तों होई गेइयां दूर हि मैं नशे में हूँSeptember 2026 3 poemsहि शंभू... मेरे शंभू... हि ऐ चाँद, कुछ देर में तुझे घने बादल ढक लेंगे हि एक की मर्ज़ी पर घर गिराना पड़ाAugust 2026 7 poemsहि मुझे मुझसे ही मिलने के लिए हि तिरे बिन सनम अब गुज़ारा नहीं हि कभी शोरगुल वाले किसी मयखाने हि तुम आज के दौर के लड़के हो हि बिना तेरे कोई सहारा नहीं हि तिरंगा हमारा सब से ऊँचा रहे हि तुम्हारी कमी उतर आती है कमरे मेंJuly 2026 21 poemsहि में तुम्हारे शहर आया हूँ, मिलने, आओगी क्या हि जहालत, बेहुनरी के बाज़ार में, ऐसा हो नहीं सकता था हि अगर छाँव हमारी है, तो धूप भी हमारी है हि तुम्हारे बाद नहीं, तुम्हारे साथ हि छात्र नदी होते हैं... हि कोई चाँद, कोई वादी, कोई नज़ारा नहीं चाहिए, हि तू मेरे घर तो आ हि हम खामोश क्यों हैं हि टकरा गए एक बाज़ार में हि और यही सोचते-सोचते... हि बरसों के बाद हम जो मिले हैं हि मिलकर तुमसे मेरे दिल को वो सुकून मिला हि अदा कौन सी है हि तुझमें रब को पाया हि तो भी चाहूँगी हाँ। हि आख़िरी इक सवाल, इश्क़ से थोड़ा आगे, फ़लसफ़ा-ए-मोहब्बत हि तेरे संग चाय की आख़िरी चुस्की याद है मुझे। हि साहिल पे खड़े, मुझे क्या गम, चले जाना है, हि चेहरे पे उसने एक नया चेहरा सजा लिया हि अब दोबारा उडने के काबिल नहीं रहा हूँ में हि मोहब्बत नहीं समझतेApril 2026 3 poemsहि ज़िंदगी की हर साँस तुझपे वार दूँ, हि शंखपुष्पी पुष्प हि एक इशारे पे उसके दिल का दरवाजा खोल सकता हैMarch 2026 11 poemsहि तेरी सूरत के सिवा कुछ और अच्छा नही लगता हि हर इक नज़ारे में देखो ख़ुदा का साया है हि मैंने दिल के हुजरे में तेरी तस्वीर बना ली है हि न रूह मिले ना तन मिले, फिर कैसा वो प्यार हि घर की पुकार बुलाती है हि तेरे साथ रहकर ये असर मुझपे हुआ है हि हर लफ़्ज़ में तेरी याद पिघलती जाती है हि तुम्हें दिल लगाना भी नहीं आता। हि ऐसा भी हो सकता था हि we are timeless lovers you and I हि हाथों में हाथ लिए हम मील चले थे
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November 2025 2 poemsहि गांव के गगन में सिर्फ और सिर्फ उजियारे नज़र आते हैं। हि आया हूँ शहर की धूल से निकलकरOctober 2025 1 poemहि मेरी ज़िन्दगी की लौ को रूहानी नूर मिला।June 2025 13 poemsहि तुझसे बात होती रहे हि मुझको कौन भीगाएगा हि तुझमें रब को पाया हि तरीके बदले हैं, इश्क़ नहीं हि तुझसे मिलने की हि तो फिर मेरा क्या क़सूर हि कहानी है क़लम की हि जन्मदिन हि लो, इक बरस और बीत गया, हि हाँ जी, हम बिलकुल ऐसे हैं, हि रंगों को क्यों मज़हब से जोड़ा जाता है हि जब सूरज की बाहों में उसका इज़हार होता है। हि होली
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August 2024 1 poemहि बेटी को देवी कहने वाले देश में कमाल हो रहा हैJune 2024 1 poemहि तेरे प्यार के रंग मेंApril 2024 1 poemहि जब चलता है तू हाथ पकड़ कर मेरा
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December 2023 10 poemsहि कभी जब तुम से मुलाक़ात होगी हि चाहे दुनिया इधर-उधर हो जाए हि मुक्तक हि जिंदगी कहां इतनी आसान हि किसी से पहली नज़र का प्यार हुआ है क्या हि तुम्हारे मुँह पे हिन्दूँ मुसलमान अच्छा नहीं लगता हि तुमसे मिलके ही में मुस्कुराना चाहता हूँ हि जान देने आया हूँ आप जान मेरी ले लीजिए हि ख़्वाबों में उसके कोई बात है हि फिर से तुझसे मिले बग़ैर चला यह दिसम्बरNovember 2023 4 poemsहि लाख ख़फ़ा हो जाओ फिर भी तुझको चाहूँगा हि तुझसे मिलके भी बेक़रार रहा हि देखी नर्मदा की धारा देखी, देखा भेडा का घाट हि तुमसे मिलेंगे तो क्या होगाSeptember 2023 7 poemsहि माँ की आँख से आंसू आने लगे हि एक समंदर मेरे अंदर है हि जो आज है वो आजकल में चले जाएँगे हि अगर इश्क़ है तो जता जाया करो हि रहा तेरा ग़म अमानत थी मुझे में ही कमी हि उसने बेवकूफ बनाया और में बन गया हि दुनिया हरजाई लगती हैJuly 2023 9 poemsहि पूजा करने वाला का बंटाधार नही होता हि बोल मुसाफ़िर तूने क्या देखा हि लिखने-पड़ने ने मुझमें ऐसा फ़ल्सफ़ा कर डाला है हि खुदको इनके सपनों से अब जगा दूँ क्या हि बाक़ी ख़ुशियाँ तेरे आने से हि तू अगर ज़िंदगी में आयी है हि सादगी तो आप जरा मेरी देखिए हि मेरी सारी शायरियों को में तेरे नाम कर दूँ हि छूता है पानी जब बदन मेरा
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November 2022 5 poemsहि दर्द आँखों से पानी हो जाता है हि सच बताओ न क्या तुम मुझे अपना मानते नहीं हि तेरे जैसा होना तो ख़ुदा का भी ख़्वाब हि पूनम का पूरा चाँद तेरे सामने मुझे आधा लगा हि हम बिलकुल ऐसे हैAugust 2022 1 poemहि मुझपे ही मरता है वोApril 2022 6 poemsहि तेरे शहर में दिलों को तोड़ना सरेआम था हि वो खंडर मकान मेरे हिस्से आया हि तेरे पास जो दिल है, मेरी मौत की निशानी है हि पहाड़ों में रहने वाला, पहाड़ी भी नही कह पाता हूँ हि जो है मुझको कहनाआज कहने दो हि मगर तुमने जो घर उजाड़ा है वो भी तो हमारा हैFebruary 2022 1 poemहि पिता
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November 2021 7 poemsहि यादों के संदूक में हि चाहता तो तू भी है मगर इनकार कर ता है हि अपनी बाहों में लेलो महक जाएंगे हि दो मुक्तक हि तू ही बता तुझे कैसे में छोड़ दूं।। हि चला गया हि दो मुक्तकOctober 2021 6 poemsहि तो क्या मेरी ख़ता है हि उसके शहर न मेरा नाम था न मेरा मकान न था हि मुझे अपने संग ले जाना हि बोते सज्जन बनान दी भी लोड नही हि दिल की बात दिल से हू-ब-हू कर ले हि सब कुछ है मेरे पास फिर भी, लुटा हुआ हूँJune 2021 1 poemहि सुरमें में सुर्ख आंखे ख़ंजर से कम नहीMarch 2021 13 poemsहि जाना था तो जा हि गुलाबी कर दो हि मेरा हर लम्हा खास होता है हि काबिल नहीं रहा हूँ में हि मौत के बाद भी न हम कभी जुदा होंगे हि फासलों में कुर्बत यह मसला क्यों है हि इश्क़ में आशिक़ अपनी बात आखों से बोल सकता है हि मेरी कविता आज तेरी कहानी दिखाती है हि तेरी आँखों के समंदर में जब डूब जाये हि तेरी सूरत के सिवा कुछ अच्छा नही लगता हि शंखपुष्पी पुष्प हि दो तनों का साथ में घूमना होता नहीं है प्यार हि कोई तो जवाब होगा।February 2021 1 poemहि बसंत