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गौरव
बालोरिया हिंदी कविता और शायरी

प्रेम, विरह और ज़िंदगी के एहसासों को शब्दों में पिरोया है।

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विरह

एक की मर्ज़ी पर घर गिराना पड़ा

तेरे हिस्से का भी सच छुपाना पड़ा, हम ख़ुश नहीं थे ये बताना पड़ा। दो की मर्ज़ी से रक्खी थी बुनियाद जो, एक की मर्ज़ी पर घर गिराना पड़ा। तूने इक साँस में कह दिया था “नहीं”, ख़ुद को जीना नए सिरे से सिखाना पड़ा। त...

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विरह

मुझे मुझसे ही मिलने के लिए

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प्रेम

तिरे बिन सनम अब गुज़ारा नहीं

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कभी शोरगुल वाले किसी मयखाने

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Hope

तुम आज के दौर के लड़के हो

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प्रेम

बिना तेरे कोई सहारा नहीं

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देशभक्ति

तिरंगा हमारा सब से ऊँचा रहे

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प्रेम

तुम्हारी कमी उतर आती है कमरे में

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प्रेम

में तुम्हारे शहर आया हूँ, मिलने, आओगी क्या

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हिमालय

"मेरे नगपति! मेरे विशाल! साकार दिव्य गौरव विराट, पौरुष के पुंजीभूत ज्वाल! मेरी जननी के हिम-किरीट! मेरे भारत के दिव्य भाल! युग-युग अजेय, निर्बंध…"

Ramdhari Singh 'Dinkar'

Mera Kuch Samaan

"Mera kuch saamaan tumhare paas pada hai, O saawan ke kuch bheege bheege din rakhe hain..."

Gulzar

नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए

"हस्ती अपनी हबाब की सी है ये नुमाइश सराब की सी है नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए पंखुड़ी इक गुलाब की सी है चश्म-ए-दिल खोल इस भी आलम पर याँ की …"

Mir Muhammad Taqi

Koi Deewana Kehta Hai

"Koi deewana kehta hai, koi paagal samajhta hai, Magar dharti ki bechaini ko bas baadal samajhta hai."

Kumar Vishwas

क्या यह जरूरी है कि मेरे हाथों में

"क्या यह जरूरी है कि मेरे हाथों में अनाज या सोने या परिधानों के महंगे उपहार हों? ओ ! मैंने पूर्व और पश्चिम की दिशाएं छानी हैं मेरे शरीर पर अमूल्य आ…"

Sarojini Naidu

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले

"हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले डरे क्यूँ मेरा क़ातिल क्या रहेगा उस की गर्दन पर वो…"

Mirza Ghalib
Mir Muhammad Taqi
18th Century / Mughal Era

Mir Muhammad Taqi

Mir Muhammad Taqi, famously known by his pen name Mir Taqi Mir, was the leading Urdu poet of the 18th century and one of the principal architects of the Urdu language. Widely revered as Khuda-e-Sukhan (God of Poetry), he was a master of the ghazal and a centr…

हिंदी साहित्य का घर

कविता, शायरी और मुक्तक का एक अनोखा संसार

Verseandbooks एक हिंदी साहित्य मंच है जहाँ आप मोहब्बत पर शायरी, दर्द भरी कविता, माँ पर कविता, दोस्ती पर कविता और ज़िंदगी की सच्चाई पर मूल रचनाएँ पढ़ सकते हैं। यहाँ आपको मिलेंगी — हिंदी कविता और उर्दू ग़ज़ल के महान कवियों जैसे मिर्ज़ा ग़ालिब, गुलज़ार, संत कबीर दास और रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचनाएँ।

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