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by Gourav Baloria
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मौलिक हिन्दी कविताएँ और शायरी
185 poems by Gourav Baloria
विषय के अनुसार पढ़ें:
प्रेम और मोहब्बत
विरह और दर्द
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तुझमें रब को पाया
रब को पाया
अदा कौन सी है
अदा कौन सी है
मिलकर तुमसे मेरे दिल को वो सुकून मिला
वो सुकून मिला
बरसों के बाद हम जो मिले हैं
बरसों बाद
आख़िरी इक सवाल, इश्क़ से थोड़ा आगे, फ़लसफ़ा-ए-मोहब्बत
तसल्ली
साहिल पे खड़े, मुझे क्या गम, चले जाना है,
मुझे क्या गम
तेरे संग चाय की आख़िरी चुस्की याद है मुझे।
heartbreak, Chai or Pyar
मोहब्बत नहीं समझते
मोहब्बत नहीं स…
अब दोबारा उडने के काबिल नहीं रहा हूँ में
अब दोबारा उडने…
चेहरे पे उसने एक नया चेहरा सजा लिया
चेहरे पे उसने …
ज़िंदगी कहाँ इतनी आसान
ज़िंदगी कहाँ इ…
तू ही तो है
तू ही तो है
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