ख़्वाबों में उसके कोई बात है
नींद आती नहीं बड़ी लंबी रात हैख़्वाबों में उसके कोई बात है
वो उस और में इस और थाफ़ासला दोनों में करवट का और धड़कनों का अथाह शोर था इक करवट न हम बदल सके इक करवट न वो बदल सकेभावनाओं का भी दोनों पे भरपूर ज़ोर था फिर भी न वो बहक सके न हम बहके बस मन ने मन से जो कहावो महोबत की बात है
भोर तक जगाया और आँख जुड़ने न दी इक नज़र भी दोनों ने इकदूजे से हटने न दी डाल कर आँखों में आँखें रात भर की खूब आँखों से बातेंफिर भी सुबह तक होठों पर प्यास थीउसने कहा आये हो कितने दिनों कि बाद मैंने कहा हजूर यह भीकोई शिकायत की बात है
रूखसत न हो रोक लो सूरज को बंद करके खिड़कीयाँ दरवाज़ा पर्दे खींच अँधेरे पिरो लोकुछ देर और ऐसे इक दूजे में और खो लेक़ुर्बत का सुख और लें लेअब थोड़ी देर में भोर हो जाएगी तुम चले जाओगेमान लो प्यार से यह प्यार की बात है