मरे हुए वापिस नही आते
फ़क़त फर्क इतना है मुर्दा दिल हो जाने परसिर्फ तकलीफ होती है मुर्दों को जलाने पर
आज अगर खुद ही हाथ बढ़ाने लग जाओजो चाहोगे वो मिलेगा मगर खुद कमाने पर
छूट गया घर कागज का नोट कमाने कोघर का बोझ समझ आया खुद उठाने पर
जिनते चाहे आँसूं बहा लो मेरे मर जाने पेमरे हुए वापिस नही आते कभी बुलाने पर