मेरा हर लम्हा खास होता है
जिस्म है दो मगर रूह से सदा एक होंगेनही कभी इक दूजे से ताउम्र जुदा होंगे गम न करना गर गुजर जाऊं दुनिया सेमौत के बाद भी न हम कभी जुदा होंगे
माना नाजुक मिजाज है बेहद इश्क़ औरतो क्या गर अकल का बोझ उठा न सकेतब भी रचेंगें मिलके कुछ ऐसी साजिशेंकी एक दूसरे से न हम कभी जुदा होंगे
लोगों ने यूँ ही इश्क़ को बुरा बना रखा हैगर तू साथ नही इस जहां में क्या रखा हैअगर देदे तू अपना हाथ मेरे हाथ मे फिरइस जहां से परे भी नही कभी जुदा होंगे
जब भी चाहा दुआओं में सिर्फ तुझे चाहारुख मंदिर का जब किया नाम तेरा मांगाइस कदर सजदा तेरा कर बैठे है अब हमख्यालों मे अब हम नही कभी जुदा होंगे
जाने कुछ तो जादू था तेरे साथ होने परजब साथ में नही था तब भी साथ में थामैंने सपनों में भी सदा साथ तेरा पाया हैवादा है सपने में भी नही कभी जुदा होंगे
कुछ पुराने ख्यालों की तरह है मेरा इश्क़तेरे सामने भर आने पर खिल उठता हैकुछ ख़्वाब मरे जवानी में तेरे न होने पेअभी बुढ़ापे में हम नही कभी जुदा होंगे
आधे से कुछ ज्यादा पूरे से कुछ कम हूँइस जन्म में क्या हर जन्म में तेरे संग हूँ आओ करें वादा एक दूसरे से आज हममौत के बाद भी न हम कभी जुदा होंगे
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