अगर इश्क़ है तो जता जाया करो
आहिस्ता-2 पास आ जाया करोअगर इश्क़ है तो जता जाया करो
डरते हो जानते नहीं या हो अनजानहाल अपना हम से न छुपाया करो
हल्की-2 बरसात जब दस्तक करे तुम छुपके से घर मेरे आ जाया करो हुआ तेरा फिर किसी का हुआ नहीं जान कर दिल मेरा मत दुखाया करो
खोजूँ जब ख़ुद को में तेरी आँखों में अपनी आखें न मुझसे चुराया करो
हर बात बोल के बताऊँ ऐसा क्यों बोले बिना बात समझ जाया करो
ग़ैरों की बज़्म को अपना बता कर वहाँ ग़ज़लें औरों को न सुनाया करो