ना गजरे की बहार
ना गजरे की बहार
ना गहनों का भार
ना किया कोई श्रृंगार
फिर भी कितनी सुंदर हो
हाँ कितनी सुंदर हो,
तुम कितनी सुंदर हो।
तेरी हँसी से खिलते मौसम,
तेरी नज़र से महके गुलशन,
तेरी हँसी से खिलते मौसम,
तेरी नज़र से महके गुलशन,
तेरी अदा में ऐसी कशिश है,
तुझे देख के खो जाए मन।
तेरी ज़ुल्फ़ें काली घटाएँ,
तेरी आँखें जादू जगाएँ,
तेरी ज़ुल्फ़ें काली घटाएँ,
तेरी आँखें जादू जगाएँ,
तेरे होंठों की मुस्कानों पे,
मेरा दिल ये सदके जाए,
तेरी सूरत चाँदी से प्यारी,
तेरी सीरत सबसे न्यारी,
तेरी सूरत चाँदी से प्यारी,
तेरी सीरत सबसे न्यारी,
तू जो रहे मेरे पास तो,
हर इक शाम लगे त्योहार।
ना गहनों की तुझको ज़रूरत,
तेरी फूलों से सुंदर सूरत,
ना गहनों की तुझको ज़रूरत,
तेरी फूलों से सुंदर सूरत,
सादे रूप में लगती ऐसी,
जैसे रब ने किया हो श्रृंगार।
ना गजरे की बहार,
ना गहनों का भार,
ना किया कोई श्रृंगार,
फिर भी कितनी सुंदर हो,
हाँ कितनी सुंदर हो,
तुम कितनी सुंदर हो।
मेरे दिल की धड़कन हो तुम,
फिर भी कितनी सुंदर हो तुम,
तुम कितनी सुंदर हो।