हिन्दी blogger hindi-kavita gourav-baloria romantic

वो खंडर मकान मेरे हिस्से आया

·
कभी खोया कभी पाया, केवल  कतरा  मेरे हिस्से आया में बड़ा भाई क्या हुआ, वो खंडर मकान मेरे हिस्से आया जुगनुओं में भी तब अंधेरा हो गया, जब मेरे सितारे बुझे पूनम की रात को भी अमावस का चांद मेरे हिस्से आया कुछ मेरे अपने ने औरों को बताया, कुछ में छुपा न पाया में बड़पन में चुप था, इल्जाम पे इल्जाम मेरे हिस्से आया मैनें घर बनाया उसमें सबको बारिश और धूप से बचाया आज घर के बंटवारे में केवल सूखा पेड़ मेरे हिस्से आया लोगों की बात क्या करूँ मेरी अपनी तकदीर खराब थी जरूरत में पारस भी कोयला बन कर मेरे हिस्से आया दरवाजा खोल कर में मौत का इस्तक़बाल भी नही कर पाया में बड़ा भाई जो था, बिन दरवाजे का मकान मेरे हिस्से आया 
साझा करें · Share