तुमसे मिलेंगे तो क्या होगा
शब्दों की न ज़रूरत होगी
तुमसे मिलेंगे तो क्या होगा
देखेंगे तुझे बैग के साथ
आते हुए मेरी और
आकर चुपके से कस लोगे
खींच लोगे तुम अपनी और
डालोगे फिर मेरी बाहों में
कसकर अपनी बाहों की डोर
लगकर फिर तेरे सीने से
सुन लूँगा में तेरे दिल का शोर
तुमसे मिलेंगे तो क्या होगा
कुछ वक़्त जब गुज़र जाएगा
धड़कनें होंगी तब थोड़ी शांत
आँखों से आँखों की होगी बात
पल भी न बंद होगी आँख
चूम लेना फिर अधरों से माथा
बस में हो जाएगी तब मेरी साँस
मेरे दिल की बेबसी शांत होगी
तुमसे मिलेंगे तो क्या होगा
नज़र मिलेगी आँख पढ़ेंगे
शब्दों की न ज़रूरत होगी
तुमसे मिलेंगे तो क्या होगा