हिन्दी blogger hindi-kavita gourav-baloria romantic

दिल तो दे चुके थे रूह भी उनके नाम कर रहे है

·
उनके होठों पे रखके होंठ बातें तमाम कर रहे हैदिल तो दे चुके थे रूह भी उनके नाम कर रहे है उनसे मेरा जरूर रिश्ता रहा होगा कोई पुरानाइसलिय मेरे दिल पे कब्जा सरेआम कर रहे है बड़ी आरजू है उनको अपनी बाहों में थामने कीवो आके कहदे गले लगा लो इंतजार कर रहे है तुम जो बाग में आओ तो फजा आह भरती हैफूल भी उनको छू कर अपनी खुश्बू भर रहे है क्यों तलाशते हो वजूद अपना अपनी दहर मेंजबकि मेरी दहर के आइनों में तुम रह रहे हो शहर जल रहा है मेरा ओर मेरे लोग मर रहे हैफिर भी हम चोखट पे उनका इंतजार कर रहे है
साझा करें · Share