← Back to Anjum Rehbar

प्यार नज़रों में आना नहीं चाहिए

By Anjum Rehbar

प्यार नज़रों में आना नहीं चाहिए रोज़ मिलना मिलाना नहीं चाहिए लोग पागल समझने लगेंगे तुम्हें रात दिन मुस्कुराना नहीं चाहिए बारिशों के इरादे ख़तरनाक हैं अब पतंगें उड़ाना नहीं चाहिए मैंने ये सोच के दे दिया दिल उसे दिल किसी का दुखाना नहीं चाहिए

सोचती हूँ प्यार करना चाहिए →
More Poetry

Read Gourav's Original Works