वो कहीं तो मिले, वो कभी तो मिले
By Manjar Bhopali
वो कहीं तो मिले, वो कभी तो मिले ख्वाब में ही सही जिंदगी तो मिले दिल में आने की हसरत बहुत दिन से है कुछ इज़ाजत मगर आपकी भी तो मिले जिंदगी काट देंगे गली में तेरी जानेमन हमको तेरी गली तो मिले हम भी कह देंगे घर में बहार आई है कोई डाली चमन में हरी तो मिले मुझको रावण ही रावण मिले हैं मगर जिंदगी में कभी राम भी तो मिलें.