हिन्दी blogger hindi-kavita gourav-baloria romantic विषय के अनुसार पढ़ें: प्रेम और मोहब्बत विरह और दर्द मुलाक़ात हो गई ✍️ Gourav Baloria · 20 Feb 2024 कभी लगा था खो जाओगे, भीड़ में किसी मोड़ पर,भीड़ में तुम्हारी मुस्कान दिखी मुलाक़ात हो गई।बोल न पाया, साझा करें · Share WhatsApp Facebook X 📋 Copy Link ← पिछली रचना जब चलता है तू हाथ पकड़ कर मेरा अगली रचना → मेरे मन की ख़ुशबू है Next