महान कवि एवं साहित्यकार
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"प्यार नज़रों में आना नहीं चाहिए
रोज़ मिलना मिलाना नहीं चाहिए"
रोज़ मिलना मिलाना नहीं चाहिए"
Anjum Rehbar
Contemporary (Late 20th century – Present)
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"ऐ चाँद, कुछ देर में तुझे घने बादल ढक लेंगे,
बालकनी में बैठे-बैठे हम भी आँखें ढक लेंगे।"
बालकनी में बैठे-बैठे हम भी आँखें ढक लेंगे।"
Gourav Baloria
Contemporary
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"फिर मिरी याद आ रही होगी
फिर वो दीपक बुझा रही होगी"
फिर वो दीपक बुझा रही होगी"
Kumar Vishwas
Contemporary (Late 20th century – Present)
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"मुझको अपने बैंक की किताब दीजिए
देश की तबाही का हिसाब दीजिए"
देश की तबाही का हिसाब दीजिए"
Manjar Bhopali
1970-Present
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"याद बहुत आते हैं गुड्डे गुड़ियों वाले दिन
अरे दस पैसे में दो चून की पुड़ियों वाले दिन"
अरे दस पैसे में दो चून की पुड़ियों वाले दिन"
Pramod Tiwari
Late 20th Century – Present