Other shanta

घर की पुकार बुलाती है

Gourav Baloria — poet profile photo Gourav Baloria · Hindi
घर की पुकार बुलाती है  by Gourav Baloria — cover image
ये शहर की ऊँची बिल्डिंगे दिल को नहीं सुहाती है पहाड़ों की याद आती है मुझे घर की पुकार बुलाती है हाँ घर की पुकार बुलाती है शहर की भीड़ में खो गया हूँ अपने घर से दूर हो गया हूँ मां की ममता, वो यादें पुरानी सुननी है मुझे उनसे कहानी हाँ घर की पुकार बुलाती है शहर की ऊँची इमारतों में दिल ढूंढता हिमाचली राहों को रंग बिरंगी रौशनी में मशग़ूल याद आती है घर की वो पुकार पहाड़ों की गोद में चैन मिलता मेरा मन वही पे है बस्ता हाँ घर की पुकार बुलाती है