Motivational
कलम और तलवार
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Editorial Context
"Kalam Aur Talwar" by Ramdhari Singh Dinkar is a powerful poem comparing the might of the pen and the sword. An inspirational verse about writing's power to change the world.
दो में से क्या तुम्हें चाहिये कलम या कि तलवार?
मन में ऊँचे भाव कि तन में शक्ति विजय अपार?
अंधकक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गान?
या कि जीतोगे लहू बहाकर तुम जग का मैदान?
कलम देश की बड़ी शक्ति है भाव जगाने वाली,
दिल ही नहीं, दिमागों में भी आग लगाने वाली।
पैदा करती कलम विचारो के जलते अंगारे,
और प्रज्वलित प्राण देश क्या कभी हार सकता है?
किन्तु, वहां क्या जहाँ निर्भय हो रहे हों अत्याचार,
क्या करेगी कलम वहां? क्या करेगी वहां पुकार?
वहां उठेगी नहीं जहाँ लहू की धार बहेगी,
सिर्फ अहिंसा की बातें क्या वहां पर सुरक्षित रहेंगी?
जहां पालते लोग लहू में हलाहल की चिंगारी,
वहां चाहिए हमें हाथ में एक तीखी तलवार करारी।
कलम हाथ में, एक हाथ में हो तलवार हमारी,
दोनों मिलकर करें देश की रक्षा की तैयारी।